उत्तर इस पर निर्भर करता है कि आपका डेटाबेस कहाँ होस्ट है, लेकिन सिद्धांत हर जगह एक जैसे हैं: पूर्ण बैकअप के लिए डेटाबेस डंप और फ़ाइलस्टोर दोनों चाहिए, और बैकअप तभी मायने रखता है जब आपने उसे सफलतापूर्वक रीस्टोर कर लिया हो।
अपना होस्टिंग प्रकार जाँचें
- Odoo Online: Odoo Cloud Hosting SLA के तहत डेटाबेस का प्रतिदिन बैकअप लिया जाता है, और आप डेटाबेस मैनेजर से ZIP बैकअप डाउनलोड कर सकते हैं।
- Odoo.sh: प्रोडक्शन का प्रतिदिन बैकअप होता है, जिसमें सात दैनिक, चार साप्ताहिक और तीन मासिक बैकअप रखे जाते हैं; स्टेजिंग के केवल मैनुअल बैकअप होते हैं, जो तीन दिन तक रहते हैं।
- ऑन-प्रिमाइस या Community: कुछ भी अपने-आप नहीं होता, इसलिए डेटाबेस और फ़ाइलस्टोर के दैनिक बैकअप शेड्यूल करें और उन्हें ऐसे रिमोट सर्वर पर कॉपी करें जिस तक Odoo सर्वर स्वयं न पहुँच सके।
अपनी कॉपी रखें
होस्ट किए गए प्लेटफ़ॉर्म पर भी समय-समय पर पूर्ण बैकअप डाउनलोड करें और उसे किसी अलग, सुरक्षित स्थान पर रखें। अपग्रेड या बड़े इम्पोर्ट से पहले मैनुअल बैकअप लें।
न्यूट्रलाइज़ की गई कॉपी पर परीक्षण करें
Odoo Online पर For testing purposes विकल्प के साथ डुप्लिकेट का उपयोग करें, या Odoo.sh पर प्रोडक्शन को किसी स्टेजिंग ब्रांच में रीस्टोर करें। ये कॉपियाँ न्यूट्रलाइज़ की जाती हैं: शेड्यूल्ड ऐक्शन, बाहर जाने वाले ईमेल, पेमेंट प्रोवाइडर, डिलीवरी विधियाँ और बैंक सिंक्रोनाइज़ेशन निष्क्रिय रहते हैं, और एक लाल बैनर दिखाता है कि आप प्रोडक्शन में नहीं हैं।
साबित करें कि यह काम करता है
नियमित शेड्यूल पर किसी बैकअप को टेस्ट वातावरण में रीस्टोर करें, लॉगिन, हाल के रिकॉर्ड और अटैचमेंट जाँचें, और प्रक्रिया का समय मापें। प्रबंधन से तय करें कि आप कितना डेटा खोना सहन कर सकते हैं (RPO) और सिस्टम कितनी देर बंद रह सकता है (RTO), फिर पुष्टि करें कि आपका सेटअप इन लक्ष्यों को पूरा करता है।